लखनऊ के आईएएस-पीसीएस स्टडी सेंटर पर संकट, भवन की लीज न बढ़ने से छात्रों का भविष्य अधर में

Lucknow IAS-PCS Study Center faces a crisis

Lucknow's IAS-PCS Study Center faces a crisis

लखनऊ। Lucknow's IAS-PCS Study Center faces a crisis, केन्द्र और राज्य सरकार अल्पसंख्यक छात्रों के एक हाथ में लैपटाप और दूसरे में किताब देने को प्रयासरत है। दूसरी ओर राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस वर्ग के छात्रों की प्रतियोगी तैयारी और छात्रावास के लिये आवंटित भवन की लीज बढ़ाने से इनकार कर दिया है।

परिसर खाली करने के लिये उर्दू अकादमी को नोटिस भेजा गया है, जिससे सिर्फ दस पहले शुरू आईएएस, पीसीएस स्टडी सेंटर पर बंदी की तलवार लटकने लगी है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर है।

अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए प्रदेश सरकार ने 2015-16 में आईएएस, पीसीएस स्टडी सेंटर स्थापित किया था। लखनऊ के पारा में स्थित अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के भवन को दस साल की निःशुल्क लीज पर सरकार ने आवंटित किया था। इसके अनुबंध में पांच साल की लीज बढ़ाने का प्राविधान किया गया था।

सरकार ने सेंटर संचालित करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी को दी। 2 करोड़ प्रति वर्ष का बजट भाषा विभाग से आवंटित किया गया। जिससे भवन को शैक्षिक संस्थान में परिवर्तित किया गया। छात्रावास का निर्माण किया गया।

प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने पर स्टडी सेन्टर के अनुदान को दो से बढ़ाकर ढाई करोड़ कर दिया गया। प्रत्येक वर्ष निर्धारित धन आवंटित किया जा रहा है। मौजूदा समय में इस सेंटर में 90 छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे हैं।

केंद्र सरकार की सेवा से सेवानिवृत डाॅ. उन्मेश मिश्र को सरकार ने सेंटर का निदेशक नियुक्त किया है, लेकिन अब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने उत्तर प्रदेश ने लीज को आगे बढ़ाने से इंकार करते हुए उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी को भवन खाली करने का नोटिस भेजा है।

उर्दू अकादमी के सचिव शौकत अली ने प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समददार को कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए लीज को पांच साल बढ़ाने की मांग की है।

यह भी कहा गया है कि सेंटर में करोड़ों रुपये की किताबें और आधुनिक संसाधन हैं। जिन्हें ले जाने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लीज नहीं बढ़ाने से सरकार के संसाधनों का नुकसान हो सकता है।

इस सेंटर के सफल छात्र

आईएएस, पीसीएस स्टडी सेन्टर के अन्तःवासी रहे अतहर जमाल, अजीम अहमद, आकिब खुर्शीद, फरजंद अली और तौसीफ अहमद ने प्रांतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सफल रहे हैं।

इसके अतिरिक्त इसी सेंटर पर में रहकर तैयारी करने वाले साजिद अंसारी का समीक्षा अधिकारी पद पर चयन हुआ है। 20 से अधिक छात्रों ने प्रारम्भिक परीक्षाएं पास की हैं। कई लिखित परीक्षा में भी पास हो गये हैं लेकिन सफलता अभी दूर है।

अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक के यहां से स्टडी सेंटर के भवन खाली करने का नोटिस मिला है। भवन खाली करने से अल्पसंख्यक समाज के बच्चों का भविष्य दांव पर लग सकता है। उर्दू अकादमी, भाषा विभाग भी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से लीज बढ़ाने का अनुरोध कर रहा है।

-शौकत अली, सचिव उर्दू अकादमी

राज्य सरकार अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें वस्तु स्थिति बतायी जायेगी और प्रयास किया जाएगा कि कोचिंग सेंटर के बच्चों की पढाई का नुकसान न हो।

-दानिश आजाद, राज्य मंत्री अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज